तलाम / अलोट
एंकर – भारत सरकार मध्य प्रदेश सरकार एक तरफ शिक्षा में गुणात्मक सुधार की बात कर रही है वही मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों की सरकारी स्कूलों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है इसका एक नजारा देखने को मिला रतलाम जिले के डेलवास गांव के प्राथमिक स्कूल मैं जब हमारे संवाददाता मौके पर दोपहर 12:00 पहुंचे तो उन्होंने पाया की ग्राम डेलवास के प्राथमिक प्राथमिक स्कूल का ताला लगा हुआ मिला और सारे शिक्षक वहां से नदारद थे  सूत्रों से पता चला कि वहां की प्रधानाध्यापिका ममता शर्मा कार्यालयीन कार्य से विभाग की मीटिंग में गई गई हुई थी इसके अतिरिक्त स्टाफ में एक और सहायक अध्यापिका सीमा मेहर बिना किसी सूचना के अपने कर्तव्य स्थल पर अनुपस्थित थी सीमा मेहर ठीक 12:45 पर स्कूल पहुंचे और बिना बिना राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान किए स्कूल प्रारंभ कर दिया संवाददाता संजय पंड्या ने तुरंत जनशिक्षक से संपर्क किया तो वह भी वहां उपस्थित हो गए और पंचनामा बानाया ,उन्होंने बताया कि इस प्रकार की शिकायत पहले भी हो चुकी है परंतु हम मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में देते हैं परंतु किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होती है ग्रामीण जनों के अनुसार उक्त अध्यापिका प्रतिदिन अपने स्थल पर से पहुंचती है और यदि हम इस प्रकार का मामला उठाते हैं तो वह अपने किसी रिश्तेदार जनपद सीईओ का हवाला देकर  ग्रामीण जनों की आवाज को दबा देती है
बच्चों के अनुसार उक्त सहायक अध्यापिका अपने कार्य में सदैव लापरवाही बरतती है न पढ़ाती है और सदैव मध्याहन भोजन की रसोई घर में जाकर मोबाइल चलाया करती है और यदि हम बोलते हैं तो हमारी पिटाई लगा देती है
ऐसे लापरवाह  शिक्षकों पर कार्यवाही होनी ही चाहिए अन्यथा सरकार द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता लाने का वादा दूर की कौड़ी है
ऐसे शिक्षकों पर लगाम लगा कर ही सरकारी स्कूलों को सही दिशा मे लेजा या जा सकता है

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